शून्य की कगार पर" एक ऐसा काव्य संग्रह है जो मानवीय संवेदनाओं, आत्ममंथन, प्रेम, विरह, आशा, संघर्ष और जीवन के गहन अनुभवों को शब्दों में पिरोता है। इस संग्रह की कविताएँ पाठकों को अपने भीतर झाँकने और जीवन के विभिन्न आयामों को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती हैं। लेखिका शैली विज ने अपनी सहज, भावपूर्ण और प्रभावशाली लेखन शैली के माध्यम से मन के सूक्ष्म भावों को अभिव्यक्त किया है। प्रत्येक कविता जीवन के किसी न किसी सत्य, अनुभव या भावना को स्पर्श करती है, जिससे पाठक स्वयं को इन रचनाओं से जुड़ा हुआ महसूस करता है। यदि आप हिंदी कविता, साहित्य और संवेदनशील अभिव्यक्तियों के प्रेमी हैं, तो "शून्य की कगार पर" आपके लिए एक उत्कृष्ट काव्य यात्रा सिद्ध होगी। मुख्य विशेषताएँ: भावनात्मक एवं विचारोत्तेजक कविताएँ प्रेम, जीवन, संघर्ष और आत्मचिंतन पर आधारित रचनाएँ सरल, प्रभावशाली और हृदयस्पर्शी भाषा सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए उपयुक्त यह पुस्तक उन पाठकों के लिए समर्पित है जो शब्दों में जीवन की गहराइयों को खोजते हैं। ABOUT THE AUTHOR शैली विज हिंदी साहित्य की एक संवेदनशील एवं सृजनशील लेखिका हैं। उनकी रचनाओं में मानवीय भावनाओं, सामाजिक अनुभवों तथा आत्मचिंतन का गहरा प्रभाव दिखाई देता है। "शून्य की कगार पर" उनके साहित्यिक चिंतन और काव्यात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर उदाहरण है।